
गांव, गरीब और रोजगार… इन तीनों को मजबूत आधार देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी VB-G RAM G अधिनियम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव बताया है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह सिर्फ मनरेगा का नाम बदलना नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की पूरी संरचना का पुनः निर्माण है,VB-G RAM G अधिनियम गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव है। इससे किसानों को सुरक्षा, श्रमिकों को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और गांवों को विकास मिलेगा। विकसित गांव ही विकसित भारत का आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
अगर 15 दिन के भीतर काम नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा और इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
वेतन भुगतान अब साप्ताहिक होगा और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान भी किया गया है।
VB-G RAM G में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया है। बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो टैगिंग, GIS मैपिंग, मोबाइल ऐप और AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन से यह योजना पूरी तरह पारदर्शी बनेगी।”
इस अधिनियम में किसानों के हितों का भी खास ध्यान रखा गया है।बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन तक योजना के काम रोके जा सकेंगे, जिससे खेती प्रभावित न हो और मजदूरों की कमी न पड़े।ग्राम सभा और ग्राम पंचायत को भी असली ताकत दी गई है — अब विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा करेगी और कम से कम 50 फीसदी काम पंचायत स्तर पर होंगे।




