देहरादून। राजधानी देहरादून में जमीन हड़पने के लिए एक जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में प्रेमनगर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर प्रतिष्ठित कॉलेज से जुड़े परिवार के सदस्य समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता श्यामलाल पुत्र स्वर्गीय ताराचंद, निवासी शिमलासग्रांट, डोईवाला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी भूमि को हड़पने के लिए आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत फर्जी वसीयत और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि भूमि के मालिक ताराचंद को उनकी वास्तविक मृत्यु से कई वर्ष पहले ही मृत दर्शा दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, 3 अगस्त 1995 की कथित वसीयत तैयार की गई और एक फर्जी श्मशान घाट की रसीद भी बनाई गई, जिसमें ताराचंद की मृत्यु 14 जून 2002 दर्शाई गई। जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार ताराचंद की वास्तविक मृत्यु 20 नवंबर 2016 को हुई थी। इसके समर्थन में ग्राम पंचायत सिमलासग्रांट, डोईवाला की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया गया है।
आरोप है कि फर्जी वसीयत, मृत्यु संबंधी कूटरचित रसीद और अन्य दस्तावेजों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में भी अपने पक्ष में प्रविष्टियां दर्ज कराई गईं। विवादित भूमि मौजा ईस्ट हॉप टाउन, परगना पछवादून में स्थित बताई गई है, जिसका कुल रकबा करीब 0.4050 हेक्टेयर है।
शिकायत में ठाकुरपुर निवासी चन्द्रावती, प्रतिष्ठित कॉलेज के मालिक के पुत्र संजय कुमार चौधरी और उनकी मां ओमवती पर आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित फर्जीवाड़े से ताराचंद के कानूनी वारिसों को आर्थिक नुकसान हुआ और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला।
प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 216/2026 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 504, 506 और 120बी के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




