
देहरादून
अवैध खनन करने वाले माफियाओं के हौसले कितने बुलंद है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बाद खनन विभाग ने नून और टोंस नदी में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए ट्रैक्टरों की आवाजाही बंद करवा दी थी बावजूद इसके अवैध तरीके से खनन करने वाले खनन माफिया छोटी छिपकर रात दो से तीन बजे के बीच अवैध खनन के लिए नदियों में पहुंच रहे है जिस दौरान आसपास के लोग गहरी नींद में होते है इसका फायदा उठाकर नदियों का सीना चीरा जा रहा है मसंदावाला जामुंवाला दोनों नदियों में लंबे समय से अवैध खनन का खेल चल रहा है कई बार शिकायतों के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश न लग पाना कई सवाल भी खड़े कर रहा है
वही बीती शनिवार की रात फिर अवैध खनन करने वाले ट्रैक्टर नदियों में दाखिल हुए जैसे ही इस बात की जानकारी ग्रामीणों को हुई उन्होंने अपने स्थानीय जनप्रतिनिधि वार्ड सदस्य प्रीति को इस बात की जानकारी दी और वार्ड सदस्य ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी के पास से अवैध खनन करने आए ट्रैक्टर को धरदबोचा।जिसकी सूचना वार्ड सदस्य प्रीति द्वारा 112 पर पुलिस को देकर मौके पर बुलाया गया।हालांकि पुलिस या संबंधित विभाग खनन महकमा इससे अंजान नही है क्योंकि समय समय पर ग्रामीण नदी में हो रहे अवैध खनन की शिकायत जिम्मेदारों को देते रहे है वही आपको बता दें कि बीते कुछ रोज पहले ही खनन विभाग ने ग्रामीणों की शिकायत पर नदियों में एंट्री के रास्ते को बंद करवाया था।जिसे फिर खनन माफियाओं ने खोल दिया है और उस वख्त नदी में एंट्री करते है जब लोग गहरी नींद में सौ रहे होते है इन अवैध खनन की गाड़ियों से पूर्व में कई हादसे भी हो चुके है जिसमे लोगों को अपनी जान तक गवानी पड़ी है बावजूद इसके खनन माफिया कानून को ठेंगा दिखा कर धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं इतना ही शनिवार रात को ग्रामीणों के द्वारा की गई कार्यवाही के बाद खनन माफियाओं ने शिकायत करने वाली वार्ड सदस्य के खिलाफ ही मारपीट के साथ ही जाति सूचक शब्द बोलने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे पता चलता है कि खनन माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं और इन्हें क्षेत्र के सफेद पोशों का संरक्षण भी प्रतीत होता है




