देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। पहले मंत्री की ओर से पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने और उसके बाद गिरधारी लाल साहू की ओर से मंत्री पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मामले में अब कांग्रेस भी खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रेखा आर्य के प्रति संवेदना जताते हुए उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी रेखा आर्य के साथ उनकी संवेदनाएं हैं, लेकिन मंत्री पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन मंत्रियों पर छात्रों के मिड-डे मील के बजट का पैसा हड़पने जैसे आरोप हैं, उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है। अब तक पति-पत्नी के बीच का विवाद माने जा रहे इस प्रकरण ने सरकार की कार्यप्रणाली और मंत्रियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
2027 चुनाव से पहले सरकार के लिए बढ़ी चुनौती
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटने लगे हैं। ऐसे समय में सरकार की एक कैबिनेट मंत्री से जुड़ा विवाद राजनीतिक रूप से अहम हो गया है। विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मुद्दा मिल गया है, वहीं मामले के लगातार सुर्खियों में बने रहने से सरकार की छवि पर भी असर पड़ने की आशंका है।
रेखा आर्य के घरेलू विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब भ्रष्टाचार के आरोपों और राजनीतिक जवाबदेही तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में सरकार इस मामले पर क्या रुख अपनाती है और आरोपों की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।




