
1.50 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचा STF का नशा विरोधी संदेश, ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम में नशे से दूर रहने की अपील
देहरादून। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने प्रदेशभर के करीब 1.50 लाख छात्र-छात्राओं को एक साथ ऑनलाइन माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत आयोजित इस जनजागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना रहा।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देशों और एसएसपी एसटीएफ के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सीओ एएनटीएफ परवेज अली और एसआई कमाल हसन ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और शैक्षिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे की लत से बचने के लिए सही संगति, परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे और उससे बचाव से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और तथ्यात्मक तरीके से जवाब दिया। साथ ही विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने के लिए भी जागरूक किया गया।
एसएसपी एसटीएफ ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने युवाओं से किसी भी तरह के लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराध में शामिल न होने तथा नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
पुलिस ने कहा कि नशा तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर निकटतम पुलिस स्टेशन अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखंड को सूचना दें।
“नशे को कहें ना—स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ें।”




