
देहरादून। गाड़ियों का रंग बदलने और उनके चेसिस व इंजन नंबरों से छेड़छाड़ करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आपराधिक निगरानी याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता दिव्या जैन, अधिवक्ता श्वेता जैन, सुधीर जैन और परिवहन विभाग के सहायक अभियंता को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।
यह मामला दिवंगत अधिवक्ता और आरटीआई कार्यकर्ता राजेश कुमार सूरी से जुड़ा है। उनकी बहन रीता सूरी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। रीता सूरी का आरोप है कि एक सफेद रंग की बोलेरो (UK07-AF-5802) का रंग बदलने के साथ ही उसके चेसिस और इंजन नंबरों में भी छेड़छाड़ की गई। उनका कहना है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया गया। उन्होंने परिवहन विभाग पर भी मामले में उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
इस मामले में रीता सूरी ने वर्ष 2023 में सीजेएम कोर्ट में धारा 156(3) के तहत शिकायत दी थी, लेकिन 25 सितंबर 2023 को अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय में इस आदेश को चुनौती देते हुए आपराधिक निगरानी याचिका दाखिल की।
रीता सूरी ने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में पैरवी करने से रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2018 में बोलेरो से उन्हें कुचलने की कोशिश की गई थी। इस मामले में अज्ञात वाहन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन वाहन की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।
अब जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी निगरानी याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। विपक्षियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।




