उत्तराखंडदेहरादून

दून अस्पताल में आयुष्मान कार्ड का फर्जीवाड़ा आया सामने,अपने कार्ड पर व्यक्ति करवा रहा था दूसरे का इलाज मुकदमा

देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अटल आयुष्मान योजना के तहत गंभीर मामला सामने आया है। जिसमें एक व्यक्ति ने अपने आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कर किसी दूसरे मरीज का इलाज कराने की कोशिश की है हालांकि यह व्यक्ति अपने आयुष्मान कार्ड से मरीज को अस्पताल में भर्ती करने में तो सफल हो गया लेकिन जब मरीज की बेड पर लेटे हुए तस्वीर मांगी गई तो मामला खुल गया जिसके बाद प्रबंधन ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य प्राधिकरण को देने के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड धारक व्यक्ति पर कार्रवाई के लिए मामले की शिकायत पुलिस में भी कर दी है।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आयुष्मान प्रभारी दिनेश सिंह रावत की ओर से चिकित्सा अधीक्षक को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार गोविंदगढ़ निवासी मंजीत सिंह (40) को 26 मई 2026 को कार्डियोलॉजी विभाग के वार्ड नंबर-87 में भर्ती किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान आयुष्मान योजना के तहत आवश्यक सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया भी पूरी की गई थी और व्यक्ति का इलाज भी कर दिया गया था लेकिन जब मरीज का इलाज के दौरान बेड पर लेटे हुए फोटो देने की बात आई तो पूरा मामला उजागर हुआ।

इसके बाद आयुष्मान मित्र ने पूरी फाइल की जांच की जिसमें सामने आया कि उपचार से संबंधित सभी दस्तावेज मंजीत सिंह के नाम पर तैयार किए गए लेकिन वास्तविक इलाज मेरठ के ओल्ड हस्तिनापुर निवासी विक्की पुत्र रवि कुमार का किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि मरीज के एंजियोग्राफी सहित अन्य चिकित्सकीय परीक्षण भी करा लिए गए थे और फाइल सीसीयू तक पहुंच गई।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जब अस्पताल के आयुष्मान मित्र ने उपचार संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान मरीज की बेड पर लेटी हुई फोटो मांगी। फोटो की मांग के बाद मंजीत सिंह काउंटर पर वापस नहीं आया। बाद में वार्ड निरीक्षण के दौरान पता चला कि जिस मरीज के नाम पर इलाज चल रहा है वह वार्ड में मौजूद ही नहीं है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू की।

इसके बाद शनिवार दोपहर करीब दो बजे मंजीत सिंह फिर आयुष्मान काउंटर पर पहुंचा। यहां उससे फोटो मांगी गई तो उसने कथित रूप से हाथापाई की और वहां से भागने का प्रयास किया जिसे अस्पताल कर्मियों ने पकड़ लिया और पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मंजीत सिंह ने अपना आयुष्मान कार्ड इस्तेमाल कर किसी अन्य व्यक्ति का इलाज कराया था। अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीर वित्तीय और पहचान संबंधी धोखाधड़ी मानते हुए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को टेलीफोन पर सूचना दे दी है।

अस्पताल प्रशासन ने पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मामले की शिकायत पुलिस में की है। वही दून अस्पताल के डिप्टी सीएमएस एनएस बिष्ट का कहना है कि मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से इसकी शिकायत संबंधित थाने में दे दी गई है जबकि स्वास्थ्य विभाग को भी मामले में पत्र लिख दिया गया है।

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